http://ggsnews24.com उड़ान तो भरने दो, बेटियां भी करेगी जग में आपका नाम:- डॉ0 अबू उमर – GGS News24

उड़ान तो भरने दो, बेटियां भी करेगी जग में आपका नाम:- डॉ0 अबू उमर

बाल विकास परियोजना के तत्वाधान में बेटी बचाव, बेटी पढ़ाओ पर हुई गोष्ठी।

जीजीएस न्यूज 24 जौनपुर कार्यालय प्रभारी खेतासराय ब्यूरो मोहम्मद अरशद

खेतासराय(जौनपुर) 04 जनवरी:- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (इसका अर्थ है लड़कियों को बचाना और शिक्षित करना) योजना की शुरुआत भारत सरकार द्वारा 22 जनवरी 2015 में इसकी शुरुआत हुई।
इस योजना का मकसद है कि वर्तमान समय मे भारतीय समाज में बेटी और महिला कहने को आधी आबादी भले ही कही जाती है लेकिन कही न कही आज भी मुख्य धारा से महिला पीछे है। जिसको मुख्य धारा में लाकर समाज मे समानता कायम करना है ताकि किसी प्रकार का भेदभाव न हो सके। इन्हीं बेटियों और महिलाओं के लिये कल्याणकारी कार्यों की कुशलता को बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के बीच जागरुकता उत्पन्न करने के लिये है।

जहाँ नारियों को सम्मान दिया जाता है वहाँ साक्षात देवता निवास करते है। इस ध्रुव सत्य पर उपेक्षा बादल सदियों से बादल मंडराते चले आ रहे है।
जिसको वर्तमान सरकार अच्छी पहल करते हुए बेटियों को बचाने के लिए अनेकों योजना चलाकर उसे धरातल पर उतारने की कोशिश कर रही है। जिसके लिए व्यापक पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया रहा है।
इसी जागरूकता को बढ़ाने के लिए बाल विकास परियोजना के तहत बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ के जागरूकता के लिए माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन कर लोगों को जागरूक करना है।

जिलाधिकारी के आदेश पत्र के अनुसार शनिवार की सुबह विकास खण्ड शाहगंज सोंधी में बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ जागरूकता के लिए संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी डॉ0 अबू उमर रहे। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ‘कहा कि उड़ान तो भरने दो, बेटियां भी करेगी जग में आपका नाम , लेकिन दुर्भाग्य है आज के दौर में अस्पतालों में आधुनिक लक्षण यंत्रों के द्वारा लिंग पता करने के बाद गर्भ में ही कन्या भ्रूण हत्या करने की वजह से लड़कियों की संख्या में भारी कमी आयी है। समाज में लैंगिक भेदभाव की वजह से ये बुरी प्रथा अस्तित्व में आ गयी।।

जन्म के बाद भी लड़कियों को कई तरह के भेदभाव से गुजरना पड़ता है जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, खान-पान, अधिकार आदि दूसरी जरुरतें है जो लड़कियों को भी प्राप्त होनी चाहिये। हम कह सकते हैँ कि महिलाओं को सशक्त करने के बजाय अशक्त किया जा रहा है। महिलाओं को सशक्त बनाने और जन्म से ही अधिकार देने के लिये सरकार ने इस योजना की शुरुआत की। महिलाओं के सशक्तिकरण से सभी जगह प्रगति होगी खासतौर से परिवार और समाज में।

लड़कियों के लिये मानव की नकारात्मक पूर्वाग्रह को सकारात्मक बदलाव में परिवर्तित करने के लिये ये योजना एक रास्ता है। ये संभव है कि इस योजना से लड़कों और लड़कियों के प्रति भेदभाव खत्म हो जाये तथा कन्या भ्रूण हत्या का अन्त करने में ये मुख्य कड़ी साबित हो। इस योजना की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने चिकित्सक बिरादरी को ये याद दिलाया कि चिकित्सा पेशा लोगों को जीवन देने के लिये बना है ना कि उन्हें खत्म करने के लिये।

इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी श्यामा देवी ने कहा कि बेटियों के शिक्षा के लिए उचित व्यवस्था की गई है। लोगों के सोच को बदलने के लिए इसका प्रचार – प्रसार किया जा रहा है। जिसमें लोग बेटियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न करें। इस दौरान मुख्य रूप से रीना सिंह, विद्यावती देवी, माधुरी मिश्रा, सरिता, सीमा, मंजू, सुशीला यादव व पुष्पा देवी उपस्थित रही।

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