http://ggsnews24.com पापी पेट का सवाल है ,कागजों पर मिट रही है गरीबी – GGS News24

पापी पेट का सवाल है ,कागजों पर मिट रही है गरीबी

नौनिहालों के हाथों में कलम और कॉपी के बजाय अपने हाथों में बोरे लेकर कूड़ों के ढेर और गंदगी में कबाड़ और लकड़ियाँ बीनते हुए नजर आ रहे हैं

जीजीएस न्यूज़ 24 जौनपुर केराकत तहसील ब्यूरो मोहम्मद असलम खाँन

केराकत जौनपुर

सरकार के लाख प्रयास के बाद भी नौकरशाही की घोर उदासीनता के चलते गरीब और मजबूर लोगों के जीवन स्तर को और ऊपर उठाने का प्रयास धरातल पर दिखता नहीं नजर आ रहा है कागजों पर जरूर गरीबी मिट रही है। इसका ताजा और उज्जवलन्त उदाहरण गरीबी से जूझ रहे नौनिहाल जिनके हाथों में कलम और कापियाँ होनी चाहिये वे नौनिहाल ” पापी पेट का सवाल है ” कि तर्ज पर स्कूल जानें की उम्र में कूडो़ के ढेर और गंदगी में लकड़ियांँ और कबाड़ चुनते दिख रहे हैं। यह हाल है भारत के भावी कर्णधार नौनिहालों का।

जबकि सरकार के निर्देश पर गरीबी हटाओ का अभियान के साथ स्कूल चलो अभियान और रैली भी निकाली जा रही है। हाय रे गरीबी और पापी पेट का सवाल है जीजीएस न्यूज़ 24 केराकत तहसील के ब्यूरो मोहम्मद असलम खाँन द्वारा नगर पंचायत केराकत में कूडो़ के ढेर से कबाड़ और लकड़ियां बिन रहे 10 वर्ष 6 वर्ष 5 वर्ष उम्र के नौनिहाल उर्मिला, पुष्पा, चिंटू, पुत्रगण महुआ से पूछे जानें पर बताया कि हमार बाबू कबाड़ बीनेंनें और माई हमार दउरी बनावेले। यह है भारत की गरीबी हटाओ का उज्जवलन्त प्रमाण जीजीएस न्यूज़ 24 के केराकत तहसील ब्यूरो चीफ मोहम्मद असलम खाँन द्वारा पूछे जानें पर बच्चों ने बताया कि पढल जाला अब ना पढित।

Live Cricket Live Share Market

जवाब जरूर दे 

क्या कोविड 19 का जिम्मेदार चीन है?

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Back to top button
Close
Close